बाबुल जो तुमने सिखाया, जो तुमसे पाया
सजन घर ले चली, सजन घर मैं चली
यादों के लेकर साये, चली घर पराये
तुम्हारी लाडली
कैसे भूल पाऊँगी मैं बाबा
सुनी जो तुमसे कहानियाँ
छोड़ चली आँगन में मैय्या
बचपन की निशानियाँ
सुन मेरी प्यारी बहना, सजाये रहना
ये बाबुल की गली
सजन घर मैं चली…
बन गया परदेस घर जनम का
मिली है दुनिया मुझे नयी
नाम जो पिया से मैंने जोड़ा
नए रिश्तों से बंध गयी
मेरे ससुर जी पिता हैं
पति देवता हैं
देवर छवि कृष्ण की
सजन घर मैं चली…