76 બાબુલ કા યે ઘર બેહના


बाबुल का यह घर बेहना
कुछ दिन का ठिकाना हैं
बनके दुल्हन एक दिन
तुझे पिया घर जाना हैं

बापू तेरे बगिया की
मैं तो एक काली हूँ रे
हो बापू तेरे बगिया की
मैं तो एक काली हूँ रे
छोड तेरी बगिया मुझे
घर पिया का सजाना हैं
क्यूँ छोड तेरी बगिया मुझे
घर पिया का सजाना हैं

बेटी घर बाबुल के
किसी और की अमानत हैं
बेटी घर बाबुल के
किसी और की अमानत हैं
दस्तूर दुनिया का
हम सब को निभाना हैं

मैया तेरे आँचल की
मैं तो एक गुड़िया रे
मैया तेरे आँचल की
मैं तो एक गुड़िया रे
तूने मुझे जनम दिया
तेरा घर क्यों बेगाना हैं
मैया तूने मुझे जनम दिया
तेरा घर क्यों बेगाना हैं

मैया पे क्या बीत रही
बेहना तू ये क्या जाने
मैया पे क्या बीत रही
बेहना तू ये क्या जाने
कलेजे के टुकड़े को
रोह रोह के भुलाणा हैं

भैया तेरे अंगना की
मैं कैसे चिडिया रे
हो भैया तेरे अंगना की
मैं कैसे चिडिया रे
रात भर बेसरा हैं
सुबह उड़ जाना हैं
रात भर बेसरा हैं
सुबह उड़ जाना हैं

यादे तेरे बचपन की
हम सब को सताएंगी
यादे तेरे बचपन की
हम सब को सताएंगी
फिर भी तेरी डोली को
कांधा तो लगाना है
बहना तेरी डोली को
कांधा तो लगाना है.


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